रामायण, महाभारत, श्रीकृष्ण, भजन, आरती और स्तोत्र से जुड़ी सभी भक्ति कथाएँ एक ही जगह — सरल हिन्दी में पढ़ें।
उत्तर रामायण में वर्णित उस दिव्य यज्ञ की कथा, जो इंद्र, वरुण और चंद्र के यज्ञों से भी महान था। जानें श्री राम के अश्वमेध यज्ञ का महत्व।
जानें कैसे बाणासुर ने श्री कृष्ण को युद्ध का संदेश भेजा और द्वारिका में क्या हुआ। यह कथा शौर्य और भक्ति का संगम है।
जानें कैसे देवशिल्पी विश्वकर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की आज्ञा से वृंदापुरी का नव-निर्माण किया। यह कथा उनकी अलौकिक शक्ति और समर्पण को दर्शाती है।
रामायण में मेघनाथ के वध के बाद मंदोदरी का दुख और उनकी भावना की गहराई की कथा। जानिए कैसे हुई उनकी आंतरिक पीड़ा।
जानिए कैसे रामलाल पर लगे झूठे आरोप ने उन्हें आत्महत्या के कगार पर पहुँचा दिया और कैसे साईं की कृपा ने उन्हें बचाया।
साईं बाबा के दर्शन से लौटे यशस्विनी और रतन पर टूटा दुखों का पहाड़। क्या साईं की कृपा से मिलेगा उन्हें समाधान?
श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र के अहंकार को तोड़ा और तुलादान में राधा के फूल से बलराम ने दान भर दिया।
जानिये कैसे सुंदराबाई के अहंकार को साईं बाबा की कृपा ने तोड़ा और रंजना की भक्ति ने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
जानें कैसे सुंदराबाई का अहंकार साईं बाबा की कृपा से चूर-चूर हुआ और रंजना की भक्ति ने कैसे सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।
अक्रूर जी की सेना और व्यवस्था देखकर श्रीकृष्ण impressed, जब कृष्ण ने दिव्य रूप दिखाया, अक्रूरजी भक्ति से स्तब्ध रह गए और भय मिट गया।
रामायण के इस प्रसंग में रामजी द्वारा पिता दशरथ के सम्मान का परिचय मिलता है, जो भगवान के सम्मान के समान माना गया है।
रामायण की कथा में पिता के सम्मान को प्रमुखता से दर्शाया गया है, जो भगवान के समान महत्व रखता है। जानिए इस प्रसंग का विस्तृत विवरण।