बाणासुर ने बलराम के विवाह प्रस्ताव को क्यों ठुकराया? जानिए बलराम, बाणासुर, उषा और अनिरुद्ध से जुड़ी इस कृष्ण लीला की विस्तृत कथा।
जानिये कैसे गंगा माता ने श्री कृष्ण को बताया कि उन्हें इच्छामृत्यु का वरदान प्राप्त है। यह कथा श्री कृष्ण लीला का एक अद्भुत प्रसंग है।
जानें कैसे बाणासुर ने श्री कृष्ण को युद्ध का संदेश भेजा और द्वारिका में क्या हुआ। यह कथा शौर्य और भक्ति का संगम है।
जानें कैसे देवशिल्पी विश्वकर्मा ने भगवान श्रीकृष्ण की आज्ञा से वृंदापुरी का नव-निर्माण किया। यह कथा उनकी अलौकिक शक्ति और समर्पण को दर्शाती है।
श्री कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर इंद्र के अहंकार को तोड़ा और तुलादान में राधा के फूल से बलराम ने दान भर दिया।
अक्रूर जी की सेना और व्यवस्था देखकर श्रीकृष्ण impressed, जब कृष्ण ने दिव्य रूप दिखाया, अक्रूरजी भक्ति से स्तब्ध रह गए और भय मिट गया।
इस कथा में बाणासुर की सेना और अनिरुध के बीच संघर्ष होता है, साथ ही राजकुमारी उषा की अनिरुध से मिलने की तीव्र इच्छा दिखती है।
कामदेव और रति की कोशिश से भगवान शिव की तपस्या भंग कर प्रेम जगाने की कथा। देवी पार्वती की सहमति से देवताओं का प्रयत्न सफल।
श्रीकृष्ण के बाल्यकाल के इन प्रसंगों में उन्होंने राक्षस बकासुर, अजगर अघासुर और कालिया नाग का वध कैसे किया, जानिए। ये कथा गोकुल के मधुबन और यमुना तट की है।
अनिरुद्ध शोणितपुर पहुंचकर उषा से मिलने जाते हैं, जहाँ बाणासुर के सैनिकों से संघर्ष होता है। इस कथा में प्रेम और वीरता का अद्भुत संगम है।
यह कथा निर्धन ब्राह्मण सुदामा और द्वारकाधीश श्रीकृष्ण के वर्षों बाद पुनः मिलने तथा मित्रता की अनुपम कहानी बताती है।