रामायण, महाभारत, श्रीकृष्ण, भजन, आरती और स्तोत्र से जुड़ी सभी भक्ति कथाएँ एक ही जगह — सरल हिन्दी में पढ़ें।
अयि गिरिनन्दिनि माँ दुर्गा की महिषासुर वध की कथा, उनके अस्त्र-शस्त्र और देवताओं की मदद से महिषासुर का वध।
अनिरुद्ध शोणितपुर पहुंचकर उषा से मिलने जाते हैं, जहाँ बाणासुर के सैनिकों से संघर्ष होता है। इस कथा में प्रेम और वीरता का अद्भुत संगम है।
जब श्रीराम लंका जाते हुए सागर के बीच पत्थरों पर नाम लिखकर पुल पार करते हैं, तो उनकी कृपा की महानता दिखती है।
इस कथा में राम-रावण का अंतिम महामुकाबला, हनुमान-लक्ष्मण की बहादुरी और इंद्र के दिव्य रथ का वर्णन है।
आकाशवाणी से काँपा कंस, देवकी-वासुदेव को कारागार में बंद करने की कथा। जानिए कंस के भय और वासुदेव की प्रतिज्ञा की पूरी कहानी।
जानिए ब्रह्मा के वरदान की कथा, जिसमें उन्होंने भगवान राम को दिया दिव्य आशीर्वाद और उनके चरित्र की महिमा का वर्णन।
रामायण के इस प्रसंग में वनदेवी की दिव्यता और उनके पुत्र की पवित्रता का वर्णन होता है, जो भक्ति और श्रेष्ठ आचरण का संदेश देता है।
सत्यभामा ने नारद मुनि को श्रीकृष्ण का तुलादान दिया, तुलसी के पत्ते ने उनके अहंकार का नाश कर सारी नगरी की कायापलट कर दी।
छिंदवाड़ा में मौजूद हिंगलाज माता, नारियल वाले हनुमान और खेड़ापति माता मंदिरों का आध्यात्मिक महत्व और कथा जानिए।
जानें कैसे अहंकारी नर्तकी सुंदराबाई को द्वारकामाई का द्वार नहीं मिला और साईं कृपा ने भक्त रंजना को राह दिखाई।
जानें कैसे लावणी नर्तिका सुंदराबाई ने अपने अहंकार के कारण द्वारकामाई में प्रवेश नहीं पाया और साईं कृपा से क्या सीखा।
यह कथा निर्धन ब्राह्मण सुदामा और द्वारकाधीश श्रीकृष्ण के वर्षों बाद पुनः मिलने तथा मित्रता की अनुपम कहानी बताती है।